अत्यंत ख़ुशी के साथ सबको सूचित करना चाहता हूँ कि पिछले ६ महीनों में दूसरी इसी शनिवार को मैंने अपना बांया हाथ तुडवा लिया है. पिछली बार की तरह इस बार भी बांयी कलाई की जोड़ ने साथ छोड़ दिया है. हुर्र्राआह.. अब एक महीने तक बांये हाथ को आराम... पर दाहिने हाथ के साथ मेरा भरपूर दुःख भी है... बेचारे को आराम नहीं मिलता कभी और अब दोहरा काम भी करना पड़ेगा. आप लोगों को भी एक महीने के लिए अपने ब्लॉग से छुट्टी दे रहा हूँ... खूब मजे कीजिये... और मेरे ब्लॉग से जो टाइम बचेगा उसे किसी और ब्लॉगर को प्रोत्साहित करने में खर्च कीजिये... जल्द आप सबसे मिलने के लिए अभी अलविदा...
आप सबका खामोश ब्लॉगर,
अभिषेक प्रसाद
मो. +९१ ९८१८३१४६७८
7 कुछ आपकी खामोशी:
ओह शनिवार को
शनि देवता को प्रसाद चढाते तो ऐसा नहीं होता
यार संजय... खुश खबरी में अफ़सोस न करो यार... मैंने पहले ही मना किया था... और रही बात शनि को प्रसाद चढाने की तो मेरा नाम ही प्रसाद है... खुद को चढ़ा दूँ? मैं भगवान जैसी किसी बात पर विश्वास नहीं करता... जल्द ही इसका भी खुलासा करूँगा...
Oh! Apna haath jaldi,jaldi theek karo....aur zor shor se likho!
pahli baar aapke blog par aai aur yesi khabar aapki himmat aur haste hue dukh jhel jana yeh andaaj achcha ....sahi hai himmate marda himmate khuda.fir milenge get well soon.
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
बालदिवस की शुभकामनाएँ!
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