मैं कौन हूँ? ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब २७ सालों के बाद भी मैं नहीं ढूंढ़ पाया हूँ... पर यकीन मानिए रोज कोशिश करता हूँ इस जवाब को ढूंढने का. आखिर मेरा क्या अस्तित्व है... मैं कौन हूँ??? मैं रोज सुबह इसलिए नहीं जागना चाहता कि मुझे उठ कर ऑफिस जाना है, रात को इसलिए नहीं सोना चाहता कि सुबह ऑफिस जाने के लिए उठना है... मैं सोना चाहता हूँ खुद के लिए, जागना चाहता हूँ खुद के लिए... कुछ ऐसा करना चाहता जिससे मुझे ख़ुशी मिले, संतुष्टि मिले, जिस काम को कर मेरा दिल खुश हो... जिससे मुझे गर्व की अनुभूति हो...
मुझसे संपर्क साधना बहुत आसान है... ab8oct@gmail.com पर मेल कर सकते है, http://ab8oct.blogspot.com/, http://humarinayisubah.blogspot.com/ पर मेरे विचारों को पढ़ सकते है....
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शनिवार, 23 जनवरी 2010

कुछ तस्वीरें देखिये आपको इनमें क्या लगता है


मध्य रात्री का चाँद 31 दिसंबर को इसे बड़ा कर के देखें . पृष्ठभूमि  में आपको कुछ नजर आता है





कमरे की खिड़की से ली गयी तस्वीर दूरी 3-4 फीट

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